वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि गुरुवार को अनुराधा नक्षत्र की उपस्थिति तथा शिवयोग के संयोजन में मनाई जा रही है वैशाख मास की पूर्णिमा तिथि पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मोक्षदायिनी शिप्रा में स्नान के लिए पहुंचे। नदी में स्नान के बाद प्रमुख मंदिरों में देव दर्शन के बाद दान-पुण्य किया। पूर्णिमा पर तीर्थ में स्नान करने से पूरे वैशाख मास में स्नान का फल प्राप्त होता है। यही कारण है कि प्रदेश के कई शहर व ग्रामीण क्षेत्र से श्रद्धालु शिप्रा में स्नान करने पहुंचे।

वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को वैशाख पूर्णिमा होती है. उस दिन वैशाख पूर्णिमा का व्रत रखते हैं, स्नान और दान किया जाता है. वैशाख पूर्णिमा के अवसर पर लोग अपने घरों पर सत्यनारायण भगवान की कथा का आयोजन करते हैं और पूजा पाठ करते हैं। वैशाख पूर्णिमा के दिन भगवान ​बुद्ध का जन्म हुआ था, इसलिए इस तिथि को बुद्ध पूर्णिमा के नाम से भी जानते हैं।

संयोग से वैशाख पूर्णिमा पर सर्वार्थ सिद्धि योग है। इस योग में किए गए दान, स्नान और पूजन पाठ का विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है। इस दिन खरीदारी, शुभ मांगलिक कार्य, तीर्थ यात्रा, दीक्षा का संकल्प सत्कर्म धर्म आदि श्रेष्ठ माने जाते है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *