विक्रम विश्वविद्यालय में एनएसयूआई के कार्यकर्ताओ ने कार्य परिषद सदस्य संजय नाहर द्वारा शपथ पत्र में जानकारी छुपा कर सदस्य नियुक्त होने के बाद m.a. ज्योतिर्विज्ञान विषय में एमए प्रथम और द्वितीय सेमेस्टर में 100 में से 100 अंक मिलने पर कुल सचिव पर आरोप लगाए है।

साथ ही कार्यपरिषद् के सदस्य संजय नाहर को अवेध लाभ पहुंचाने वाले कुल सचिव को बर्खास्त करने के लिए कुलपति को ज्ञापन सोपा। दरअसल पिछले दिनों उज्जैन के विक्रम विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग विषय को पीएचडी प्रवेश परीक्षा में धांधली घोटाले की जांच अभी तक पूरी भी नही हुई है। वही अब दूसरे मामले में विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति और कुल सचिव फसते नजर आ रहे हैं। विक्रम विश्वविद्यालय के कार्यपरिषद सदस्य संजय नाहर कार्य परिषद सदस्य होने की जानकारी छुपाकर सदस्य नियुक्त होने के बाद पहले ज्योतिर्विज्ञान विषय मैं भौतिक स्तर और एम ए प्रथम एवं द्वितीय सेमेस्टर में 100 में से 100 अंक अर्जित किए हैं एनएसयूआई के पूर्व सचिव मध्य प्रदेश कांग्रेस के बबलू खींची ने कुलसचिव को कार्य परिषद सदस्य होने के बाद भी कुलसचिव प्रशांत पुराणिक ने परीक्षा में 100 में से 100 अंक दिलवाए हैं। एनएसयूआई के छात्रों ने कार्य परिषद को अवैध लाभ पहुंचाने वाले कुलसचिव को बर्दाश्त करने की मांग कुलपति से की है। इंजीनियरिंग विषय की पीएचडी प्रवेश परीक्षा में धांधली के आरोपियों को निलंबन करने की मांग कुलपति को ज्ञापन देकर की है। कार्यकर्ताओं को ने चेतावनी दी है कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो आगे उग्र प्रदर्शन किए जाएंगे जिसमें मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा मंत्री और कुलपति के पुतले दिए जाएंगे।

 

एनएसयूआई के प्रदर्शन के बाद कुलपति डॉक्टर अखिलेश कुमार पांडे ने कहा कि छात्रों ने 2 मांगों को लेकर ज्ञापन दिया है जिसमें कार्य परिषद के सदस्य द्वारा एम ए प्रथम और द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा देने की जानकारी दी है। विक्रम विश्वविद्यालय के अध्यादेश और ऑडनेंस की जानकारी अभी नहीं है कार्य परिषद के सदस्य को परीक्षा देने जानकारी निकालवाई जा रही है। वही 100 में से 100 नंबर की जानकारी निकाली जा रही है। वही पीएचडी मामले में कमिटी बयान ले जा रही है। पूरे मामले में कुलसचिव के द्वारा कहे जाने की बात सामने आ रही है। पीएचडी मामले में कुलपति अपने अधीनस्थों को बचाते हुए दिखाई दिए।

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