उज्जैन। 2012 में उज्जैन में हुए अंतरराष्ट्रीय ठहाका सम्मेलन में राजू श्रीवास्तव को अंतरराष्ट्रीय ठहाका सम्मान से सम्मानित किया गया था। कड़कड़ाती ठंड में भी राजू श्रीवास्तव को सुनने के लिए उस समय हजारों उज्जैनवासियों की भीड़ टूट पड़ी थी, रोतों को भी हंसा देने वाले राजू श्रीवास्तव को ठहाका परिवार ने श्रध्दा सुमन अर्पित किये।
ठहाका सम्मेलन के संस्थापक डॉ. महेन्द्र यादव ने कहा कि 11 जनवरी 2012 का वो दिन आज भी याद है, ठंड के बीच भी हजारों उज्जैनवासी जिस शख्स को सुनने उमड़ पड़े थे वो राजू श्रीवास्तव आज हमारे बीच नहीं रहे। रोतों को भी हंसा देने वाले राजू श्रीवास्तव का जीवन प्रेरणापुंज है। राजू श्रीवास्तव ने ठहाका सम्मेलन में अपनी जोरदार प्रस्तुति के माध्यम से उज्जैनवासियों को गुदगुदाया था, हजारों लोग देर रात तक उन्हें निहारते रहे। ठहाका सम्मेलन संस्थापक डॉ. महेंद्र यादव के साथ ही ठहाका सम्मेलन परिवार सम्राट राजू श्रीवास्तव को अश्रुपूरित श्रध्दा सुमन अर्पित किये तथा बाबा महाकाल से उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान देने की कामना की।